नर्सें मरीजों की सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण देखभाल तथा स्वास्थ्य प्रणाली की मजबूती में केंद्रीय भूमिका निभाती हैं : प्रो. रवनीत कौर बेदी
जीएमसीएच चंडीगढ़ में अंतरराष्ट्रीय नर्सेज सप्ताह-2026 का आयोजन
जीएमसीएच-32 की नर्सिंग अधिकारी पूनम वर्मा को भारत की राष्ट्रपति द्वारा प्रतिष्ठित “नेशनल फ्लोरेंस नाइटिंगेल अवार्ड” से सम्मानित किया गया
चण्डीगढ़ : जीएमसीएच, सेक्टर 32 के नर्सिंग विभाग द्वारा “एम्पॉवर्ड नर्सेज सेव लिव्स” थीम के साथ अंतरराष्ट्रीय नर्सेज सप्ताह-2026 का आयोजन किया गया। यह आयोजन आधुनिक नर्सिंग पेशे की संस्थापक फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती के उपलक्ष्य में किया गया, जिनका जन्म 12 मई 1820 को हुआ था।

इस सप्ताह का उद्घाटन निदेशक प्राचार्य प्रो. रवनीत कौर बेदी द्वारा किया गया। उन्होंने जीएमसीएच की नर्सों द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की। हफ्ते भर नर्सिंग पेशेवरों द्वारा ओपीडी क्षेत्र में आम जनता के लिए हेल्प डेस्क लगाए गए, जिनके माध्यम से लगभग 700 मरीजों एवं उनके परिजनों की विभिन्न समस्याओं और पूछताछ में सहायता की गई। इसके अलावा लगातार पांच दिनों तक “अंगदान” जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।

नर्सिंग अधीक्षक सुश्री अमनवीर कौर के मार्गदर्शन में नर्सिंग पेशेवरों के लिए “कम्पैशन फटीग” विषय पर एक सीएनई कार्यक्रम व नर्सिंग विभाग द्वारा “बेस्ट वार्ड प्रतियोगिता” का आयोजन किया गया। नर्सिंग पेशेवरों की रचनात्मकता और भावनाओं को अभिव्यक्त करने हेतु थीम आधारित कविता प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।
आज नर्सिंग विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय नर्सेज सप्ताह-2026 का समापन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि निदेशक प्राचार्य प्रो. रवनीत कौर बेदी तथा विशिष्ट अतिथि मेडिकल सुपरिंटेंडेंट प्रो. विशाल गुगलानी उपस्थित रहे। नर्सिंग अधीक्षक श्रीमती अमनवीर कौर ने सभी का स्वागत किया।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “अवर नर्सेज अवर फ्यूचर : एम्पॉवर्ड नर्सेज सेव लिव्स” केवल एक नारा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ को मजबूत करने का वैश्विक आह्वान है। उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन की “स्टेट ऑफ द वर्ल्ड्स नर्सिंग (एसओडब्ल्यूएन) रिपोर्ट-2025” का उल्लेख करते हुए बताया कि विश्वभर में स्वास्थ्य सेवाओं के लगभग 50 प्रतिशत कार्यबल में नर्सें शामिल हैं और वे मरीजों की सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण देखभाल तथा स्वास्थ्य प्रणाली की मजबूती में केंद्रीय भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने कहा कि एसओडब्ल्यूएन-2025 रिपोर्ट का स्पष्ट संदेश है कि “जब तक नर्सें मजबूत नहीं होंगी, तब तक स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत नहीं हो सकती।” रिपोर्ट में नर्सिंग नेतृत्व, शिक्षा, कार्यबल सुरक्षा एवं सशक्तिकरण में निवेश की आवश्यकता पर जोर दिया गया है क्योंकि सशक्त नर्सें सीधे तौर पर मरीजों के बेहतर परिणाम सुनिश्चित करती हैं और जीवन बचाती हैं।
उन्होंने कहा कि नर्सिंग नेताओं, शिक्षकों और स्वास्थ्य प्रशासकों की यह सामूहिक जिम्मेदारी है कि वे ऐसा कार्य वातावरण तैयार करें जहां नर्सें स्वयं को सम्मानित, सुरक्षित और प्रेरित महसूस करें। उन्होंने विभिन्न शोध अध्ययनों का हवाला देते हुए बताया कि नर्सों के कार्यभार में प्रत्येक अतिरिक्त मरीज से अस्पताल मृत्यु दर में 7 प्रतिशत तक वृद्धि होती है। वहीं बेहतर नर्सिंग स्टाफ और सशक्त नर्सिंग वातावरण वाले अस्पतालों में मरीजों की मृत्यु दर कम, संक्रमण कम, दवा संबंधी त्रुटियां कम और अस्पताल में रहने की अवधि कम होती है।

मेडिकल सुपरिंटेंडेंट प्रो. विशाल गुगलानी ने नर्सिंग विभाग को अंतरराष्ट्रीय नर्सेज सप्ताह-2026 की शुभकामनाएं दीं तथा नर्सों द्वारा किए जा रहे समर्पित कार्य और आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग की सराहना की।
मुख्य अतिथि प्रो. रवनीत कौर बेदी ने भी नर्सिंग पेशेवरों को बधाई देते हुए कहा कि नर्सें पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। उन्होंने सप्ताहभर आयोजित शैक्षणिक गतिविधियों की भी प्रशंसा की और विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को बधाई दी।
नर्सिंग अधिकारी सुश्री वेदा कुमारी ने सप्ताहभर की गतिविधियों और वर्षभर की उपलब्धियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने “मेल सर्जिकल वार्ड” को “बेस्ट वार्ड” घोषित किया।
जीएमसीएच के नर्सिंग पेशेवरों के लिए यह गर्व का क्षण रहा कि नर्सिंग अधिकारी पूनम वर्मा को भारत की राष्ट्रपति द्वारा प्रतिष्ठित “नेशनल फ्लोरेंस नाइटिंगेल अवार्ड” से सम्मानित किया गया।
समापन समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिसमें विभिन्न राज्यों की नर्सिंग अधिकारियों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर भारत की विविध संस्कृति को प्रदर्शित किया। पुरस्कार वितरण समारोह और प्रतिभागियों को सम्मानित करने के साथ कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।